Anthropic AI के शोधकर्ता और "वातावरण प्रोग्रामिंग" अवधारणा के प्रस्तावक एलेक्ज़ेंडर कारपासी का सुझाव है कि AI का उपयोग करते समय ज़रूरी नहीं कि संकेत शब्दों...
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आज का AI इंटेलिजेंस ब्रीफ
Anthropic AI के शोधकर्ता और "वातावरण प्रोग्रामिंग" अवधारणा के प्रस्तावक एलेक्ज़ेंडर कारपासी का सुझाव
है कि AI का उपयोग करते समय ज़रूरी नहीं कि संकेत शब्दों को बारीकी से तैयार किया जाए, सीधे वॉइस मोड खोलकर लगभग 10 मिनट तक बातचीत करें और जो कुछ भी सोचें वही कहें। उनका मानना है कि बड़े भाषा मॉडल को वास्तव में उपयोगकर्ता की मंशा समझने के लिए अधिक जानकारी की आवश्यकता होती है, बातचीत से उपयोगकर्ता और चैटबोट के बीच बेहतर विभाजन संभव हो जाता है, उपयोगकर्ता अपनी अपूर्ण विचार व्यक्त करता है और AI इसे स्पष्ट सामग्री में बदल देता है। कारपासी आमतौर पर शुरुआत में चैटबोट को यह याद दिलाते हैं कि उनकी सोच भ्रमित हो सकती है, जिससे बाद में सुधार कम करना पड़े।
मूल लेख का अंश
IT之家:https://www.ithome.com/ 7 月 25 日消息,Anthropic 知名 AI 研究员、“氛围编程”概念提出者安德烈 · 卡帕西认为,使用 AI 时不必费尽心思打磨提示词:别琢磨了,想到什么就说什么,尽管一直说下去。
卡帕西表示,自己有时会打开语音模式,对着 AI 连续讲上大概 10 分钟 ,思路不必完整,内容也不需要提前组织,整个过程 乱七八糟,什么都说,完全想到哪儿说到哪儿 。“有时,大语言模型需要获得更多信息,才能真正明白你想完成什么。”
Anthropic AI के शोधकर्ता और "वातावरण प्रोग्रामिंग" अवधारणा के प्रस्तावक एलेक्ज़ेंडर कारपासी का सुझाव है कि AI का उपयोग करते समय ज़रूरी नहीं कि संकेत शब्दों...